अगर किस नौकरी करने वाले व्यक्ति से कहा जाए की आपको पैसों के बदले किसी से भी सेक्स करनी की छोट दी जाती हैं, किसी से भी मतलब किसी से. किसी भी उम्र की महिला के साथ, बच्चे के साथ. सुनने में थोडा अजीब सा जरुर लग रहा है लेकिन ये खौफनाक सच अफ्रीकी देश सूडान से सामने आया है. दुनिया उस वक्त हैरान रह गई जब संयुक्तराष्ट्र की एक रिपोर्ट में दक्षिण अफ्रीकी देश सूडान के बारे में ये सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि सूडान आर्मी को वेतन के बदले रेप करने की छूट दी जाती है. इतना ही नहीं इस छूट के दायरे में महिलाओं से लेकर बच्चे तक शामिल होते हैl यानि सूड़ान का सैनिक अगर चाहे तो महिला के अलावा बच्चे को भी अपनी हवस का शिकार बना सकता है.

दक्षिण सूडान की सरकार समर्थित सैनिकों को रेप के अलावा कई तरह के दिल दहलाने वाले अमानवीय अत्याचार करने की भी पूरी छूट देती है जिसकी आड़ में सिविल वॉर से जूझ रहे सोमालिया में तैनात अफ्रीकी सैनिक इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली हरकतें कर रहे हैं. ये सैनिक न सिर्फ महिलाओं और बच्चियों से बलात्कार कर रहे हैं, बल्कि उनके साथ हैवानियत की सारी हदे पार करते हुए कुछ ऐसा कर रहे है जिसे सुन पूरा विश्व भौचक्का है.

खाने और पैसों के बदले सैनिक लड़कियों को जानवरों के साथ सेक्स करने के लिए करते है मजबूर 

जानकारी के अनुसार अफ्रीकी देश सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक में तैनात फ्रेंच और लोकल सैनिकों पर करीब 100 लड़कियों के साथ यौन शोषण करने का आरोप लगा हैl जिसमें से तीन लड़कियों ने ये दावा भी किया है कि जब व पानी और खाने की तलाश में जंगल में गई तो एक मिलिट्री कमांडर ने उन्हें जानवरों के साथ सेक्स करने के लिए भी मजबूर किया. हालांकि टॉर्चर के सभी मामले 2014 के हैं, जिनकी जांच अभी तक चल रही हैl इतने गंभीर मामले में UN ने जाँच के आदेश दिए हैं.

जांच के बाद ये बात सामने आई कि फ्रेंच आर्मी के एक कमांडर ने मिलिट्री कैम्प में चार लड़कियों को कपड़े उतारने पर मजबूर किया. उन्हें जबदस्ती कुत्ते के साथ सेक्स करने को कहा गया. इतना ही नहीं सैनिक ने ये बात किसी को न बताने की धमकी देकर उन्हें 575 रुपए (5,000 सेंट्रल अफ्रीकन फ्रैंक्स) दिए गए. एक लड़की के मुताबिक, इस घिनौनी घटना के बाद उन्हें सामज में काफी बेइज्जत भी किया गयाl उन्हें ‘फ्रेंच आर्मी का कुत्ता’ तक कहा गया. इनमें से एक लड़की की बीमारी से मौत भी हो चुकी हैl जानकारी के अनुसार हैवानियत का शिकार हुई ज्यादातर लड़कियों की उम्र 12 से 16 साल तक की हैं.