आसाराम के कर्मों का फल आ ही गया. 25 अप्रैल को जब आसाराम कोर्ट में पहुंचा तो उसे उम्मीद रही होगी कि शायद वो बच जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ कोर्ट ने उसको दोषी करार दे दिया. आसाराम के अंधभक्तों को भले ही इस फैसले से झटका लगा हो लेकिन नाबालिग के परिवार को इससे बहुत ख़ुशी हुई और लोगों का न्यायपालिका पर विश्वास बढ़ा. इसके साथ ही लोगों को यह संदेश भी मिला कि लोगों को ऐसे धर्म गुरुओं से बचने की जरूरत है जो खुद को भगवान का अवतार बताकर भोले-भाले लोगों का फायदा उठाते हैं. जिनकी नज़रों में स्नेह से ज्यादा हवस रहती है.

आपको बता दें कि नाबालिग से बलात्कार के आरोपी आसाराम को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है अदालत पर आसाराम की दलीलों का कोई फर्क नहीं पड़ा. कोर्ट के इस फैसले के बाद आसाराम सदमें में है. वहीं नाबालिग के पिता को इस फैसले से बहुत ख़ुशी हुई होगी क्योंकि उनको इंसाफ मिला है.

 

 आपको जानकारी दे दें कि आसाराम के खिलाफ गवाही देने वालों के साथ भी आसाराम के समर्थकों द्वारा बहुत बुरा किया जा चुका है. आसाराम के खिलाफ 44 लोगों ने गवाही दी थी जिनमें से 3 की अब तक मौत हो चुकी है जबकि 9 लोगों पर जानलेवा हमला किया गया.
हालांकि आसाराम तब भी खुद को बचा नहीं पाया और आज उसे उसके कर्मों का फल मिल चुका है